तैल बैला : प्रकृति की गोद में कैम्पिंग (Camping at Tail Baila)

पुणे(Pune) से लगभग 100 किलोमीटर मुलशी(Mulshi) तालुका में सह्याद्रि के पहाड़ों(Sahayadri Hills) के मध्य स्थित तैल बैला(Tail Baila) गाँव कैम्पिंग(Camping), रेपेल्लिंग(Repelling) और रॉक क्लाइम्बिंग(Rock Climbing) करने वाले लोगों के लिए एक बहुत ही बेहतरीन स्थान है। यह स्थान लोनावला(Lonavala) के भी बहुत पास है। गाँव के पास ही तैल बैला किला(Tail Baila Fort) है जहाँ रेपेल्लिंग(Repelling) और रॉक क्लाइम्बिंग(Rock Climbing) होता है। तैल बैला(Tail Baila) किला वास्तव में एक निगरानी किला(Watch Tower Fort) था जो आस पास के इलाकों पर नज़र रखने के लिए बनाया गया था। यह दो ऊँचे चट्टानों से मिलकर बना हुआ है जिसकी ऊँचाई लगभग 200 - 250 फीट है। यहाँ ट्रैक करके कुछ ऊँचे जगह पर बने भगवान शिव के मंदिर तक जा सकते हैं। इस मंदिर से ऊपर जाने के लिए रास्ता नहीं है और ऊपर फोर्ट तक जाने के लिए रॉक क्लाइम्बिंग(Rock Climbing) करना पड़ता है। 

तैल बैला(Tail Baila) किले के पास कैम्पिंग(Camping) के लिए भी बहुत अच्छे स्थान हैं। यहाँ रात के समय कैम्प करके आप आसमान के तारों की सुंदर कतारों को देखने का शानदार अनुभव कर सकते हैं। गाँव के कुछ लोगों से बात करके हम लोगों ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ तैल बैला(Tail Baila) में खुले आसमान के नीचे टेंट लगाकर कैम्पिंग(Camping) किया। यह एक धान का खेत था जिसकी फसल कट चुकी थी लेकिन खेतों में धान के गट्ठर अभी भी रखे हुएँ थे। खुले में आग जलाकर खाना बनाने का मज़ा बहुत ही अद्भुत था। जुगनूओं की टिमटिमाहट ने माहौल को और भी अच्छा बना दिया था। अपने परिवार और दोस्तों के साथ प्रकृति की ऐसी सुंदर गोद में कैम्पिंग(Camping)  करने से अच्छा कुछ और हो ही नहीं सकता है। देर रात तक हम लोग बातें करते रहे। मौसम भी बहुत सुहावना था। कैम्पिंग में सीमित संसाधनों में रहना और टेंट में सोने का अपना अलग ही मजा है। 

तैल बैला(Tail Baila) की सुबह भी बहुत खूबसूरत थी। मौसम थोड़ा ठंडा था तो सुबह जल्दी उठकर हम लोग आग जलाकर उसके किनारे बैठकर सूर्योदय का इंतज़ार करने लगे। तैल बैला(Tail Baila) का सूर्योदय देखने वाला होता है ऐसा हम लोगों ने सुन रखा था। थोड़ी देर बाद आसमान में पहाड़ों के पीछे लालिमा दिखने लगा था। कैम्पिंग(Camping) के पास ही धान के खेत सूरज के स्वर्णिम रौशनी में चमकने लगा था। अब सूर्योदय हो गया था और इतना अच्छा सूर्योदय मैंने कभी नहीं देखा था। पहाड़ों के बीच से सूर्यदेव प्रकट होकर प्राकृतिक छटा को अलौकिक बना रहें थें। सुबह की धूप ठंढे मौसम में अच्छी लगने वाली गर्मी दे रही थी। 

हम लोग अब अपने टेंट को वापस खोलने लगे क्योंकि अब वापस जाने का समय हो रहा था। तैल बैला(Tail Baila) में कैम्पिंग(Camping) का यह अनुभव बहुत अच्छा रहा। यहाँ गाँव के लोग भी बहुत अच्छे और सहायक थे। सुबह का नाश्ता हम लोगों ने तैल बैला(Tail Baila) गाँव में ही किया। यादगार पलों को जीने और प्रकृति की गोद में अच्छे समय को बिताकर हम लोग वापस अपने निवास स्थान पुणे की ओर निकल पड़े। तैल बैला(Tail Baila) में कैम्पिंग(Camping) के लिए बेहतर होगा कि आप थोड़ा जल्दी पहुँचकर कैम्पिंग का स्थान देख लीजिये। इसके लिए गाँव वालों से बात करना अच्छा रहेगा। तैल बैला(Tail Baila) कैम्पिंग के लिए बहुत ही सुरक्षित स्थान है इसलिए आप अपने परिवार और बच्चों को भी साथ ले जा सकते हैं। रॉक क्लाइम्बिंग(Rock Climbing) और रेपेल्लिंग(Repelling) के लिए आपको थोड़ा पूछताछ करना पड़ेगा। इसके लिए विशेषज्ञों की सहायता से ही करें। एक बात और कि तैल बैला(Tail Baila) में मोबाइल का नेटवर्क भी सही नहीं रहता इसलिए तैल बैला(Tail Baila) कैम्पिंग(Camping) के लिए आने से पहले नेटवर्क संबंधित कार्य निपटा कर ही आइये। 

तैल बैला कैम्पिंग के लिए अनिवार्य सामान  : टेंट, टॉर्च, स्लीपिंग बैग्स, अतिरिक्त सूखे कपड़े, चाकू, आग जलाने के साधन, पर्याप्त पानी, छोटा तंदूर, खाने पीने की वस्तुएं, टोर्च, दर्द  निवारक  स्प्रे इत्यादि।

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➝ तैल बैला में ये करना ना भूलें  कैम्पिंग, फोटोग्राफी, आग जलाकर खाना बनाना, सूर्योदय देखना। 
➝ तैल बैला कैसे पहुंचे मुंबई से 120, लोनावला से 35 किलोमीटर और पुणे से 100 किलोमीटर  दूर कार द्वारा आसानी से तैल बैला पहुंच सकते है। मुंबई और पुणे से लोणावला के लिए लोकल  ट्रैन ले सकते है।  
 तैल बैला जाने का सबसे अच्छा समय : कैम्पिंग के लिए मॉनसून के बाद अक्टूबर से जून तक। घूमने के लिए  मानसून के बारिश के वक़्त तथा मानसून के तुरंत बाद का समय सबसे अच्छा है। 
➝ तैल बैला जाने में लगने वाला समय  : 1 दिन का। रात के समय कैम्पिंग(Camping) करना। 




























Blogger Name: Pramod Kumar Kushwaha
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